रक्षासूत्र में संस्कार, हलधर में कृषि संस्कृति : खरगोन महाविद्यालय में गूंजा भारतीय परंपरा का संदेश
Vishal Choyal
शासकीय कन्या महाविद्यालय,खरगोन में 2 सितंबर 2026 को शासन के निर्देशानुसार भारतीय परंपरा एवं संस्कृति के अनुरूप महाविद्यालय में रक्षाबंधन एवं बलराम जयंती के अवसर पर कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम संस्था प्रमुख प्राचार्य डॉ.आर.के.यादव के मार्गदर्शन में एवं उद्बोधन के साथ आयोजित किया गया
प्राचार्य डॉ.आर.के.यादव ने अपने उद्बोधन में जनकल्याण, जीवन संस्कृति, कृषि कल्याण एवं प्रकृति के बीच तालमेल की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संस्कृति और प्रकृति का सामंजस्य ही मानव जीवन का मूल सूत्र होना चाहिए।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सेवंती डावर ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए रक्षाबंधन के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का रक्षासूत्र है। ऐसी परंपराएं हमारी संस्कृति की जीवंतता का परिचय देती हैं। उन्होंने बलराम जयंती के संदर्भ में कहा कि कृषि और हलधर भगवान बलराम का प्रकृति से अटूट संबंध रहा है। यह संबंध प्रकृति पूजन और कृषि संस्कृति का महत्वपूर्ण सूत्र है, जो सदैव प्रासंगिक रहेगा।
तथा अंत में प्रो.कविता बरडे ने आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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